



29 जुलाई 1942 को डॉ आंबेडकर द्वारा श्रम मंत्री के पद की जिम्मेदारी स्वीकार करते ही 7 व 8 अगस्त 1942 को उनकी अध्यक्षता में मलिक मजदूर व सरकार के प्रतिनिधियों की त्रिपक्षीय परिषद दिल्ली में आयोजित की गई . वी. वी.गिरी, ना. म. जोशी, जमनादास मेहता जैसे मजदूर नेताओं ने इस परिषद में भाग लिया था . इस परिषद में डॉ आंबेडकर नीड ऑफ यूनिफोर्मिटी इन लेबर लेजिसलेशन विषय पर भाषण दे रहे हैं और उनकी दाईं तरफ जमनादास मेहता ना. म. जोशी द्वारकानाथ प्रधान इत्यादि बैठे हुए हैं












छायाचित्र में डॉ अंबेडकर के साथ (बायीं ओर से) एस. एस. बराथे बी. जे भोंसले, एस बी भंडारे, जे एस रणपीसे, डॉ पी.जी सोलंकी, शिवराम जनबा कांबले, के एन सोनवाड़े, व रामचंद्र कृष्णजी कदम, तो दूसरी पंक्ति में पी. वाघमारे, बी.बी. जाधव, जीवाप्पा लिंगप्पा ऐडाले, एस.आर थोरात, के.एन कदम, के.एस कांबले, और दिखलाई दे रहे हैं यहां हुई आमसभा में दिए भाषण में डॉक्टर अंबेडकर ने कहा कि मेहर एक लड़ाकू और के.एन सोनकंबले दिखलाई दे रहे है. यहां हुई आम सभा में दिए भाषण में डॉ अंबेडकर ने कहा कि महार एक लड़ाकू और बहादुर जमात है

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