रोपड़ दो जुलाई 2001
( बहुजन संगठक, संपादक -कांशीराम वर्ष 21, अंक 20, 23 से 29 जुलाई, 2001 )

गत 2 जुलाई 2001 को असहनीय गर्मी में थर्मल प्लांट रोपड़ पंजाब के कम्युनिटी हॉल में समाज के पढ़े-लिखे बुद्धिजीवी एवं कर्मचारियों के समूह को संबोधित करते हुए बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर कांशीराम जी ने कहा कि साथियों में देश में उन लोगों को कुमार देखना चाहता हूं जिन्हें मनुवाद के चाहतों ने सदियों से गुलाम बनाकर रखा हुआ है बाबासाहेब अंबेडकर की बदौलत हमें वोट का अधिकार मिला वोट से सरकार बनती है मगर हमने आज तक अपने समाज के लोगों को वोट का सहयोग प्रयोग नहीं किया|
आने वाले 3 सालों में 10 राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं और मैं दिल्ली से इन 10 राज्यों में बसपा की सरकार बनाने का निश्चय लेकर आया हूं जिस तरह यूपी में हमने सरकार बनाई और वहां मायावती ने मेरे आदेश के अनुसार सरकार चलाई और बहुत काम किया अनुसूचित जातियों के हमने आईएएस आईपीएस तथा पीसीएस के कई आला अफसर लगे जिन्हें मनुवादी सरकारों ने कभी महत्वपूर्ण पदों तक नहीं पहुंचने दिया आपने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के संगठन से ही मैं बहुजन समाज पार्टी बनाई उत्तर प्रदेश में भारी संख्या में कर्मचारी हमारी सहायता करते हैंअपने आगे कहा कि साथियों मैं आपको अपनी आप बीती सुनाते हूं जिसके कारण मैंने यह राजनीति का संगठन बनाया जब मैं स्कूल में पढ़ता था तो एक दिन मेरी मां ने मुझे कहा कि बेटा जा अपने बापू को खाना दे आ वह रोपण विश्राम घर में बेगार कर रहे हैं मैंने मन से पूछा कि बेकार क्या होती है तो मां ने कहा बेटा बेगार बड़े साहबों की सेवा को कहते हैं जो हम गरीबों को करनी पड़ती हैखैर मैं खाना लेकर चला गया बहुत गर्मी पड़ रही थी जब मैं करनाल गेस्ट हाउस में गया तो देखा कि मेरा बापू गर्मी से बेहाल हो रहा थापसीना पसीना हो रहा था मेरे से बापू की दुर्दशा ना देखी गई |
मैंने कहा बापू आप थोड़ा आराम कर लो आपकी बुरी हालत हो गई है बापू ने कहा बेटा मैं आराम नहीं कर सकता अंदर बड़े साहब सो रहे हैं इसलिए मुझे उनके लिए यह पंखे की रस्सी खींचते रहना है (पहले जब बिजली नहीं होती थी तो रस्सी खींचकर पंखा झेला करते थे पंखा चलने वाला बाहर बैठता था) अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मुझे सजा मिलेगी मेने बाबू से कहा कि आप छोटी पंखी लेकर दूसरे हाथ से अपने आप को गर्मी से बचालो बापू ने कहा हम ऐसा नहीं कर सकते | तो साथियों यह तो मेरे बापू की कहानी थी तो मेरे बापू के बापू बुजुर्गों की क्या हालत होगी यह तुम भी सोच सकते हो इसलिए मैंने अपने बापू की हालत को भुला नहीं पाया परंतु 35 साल के बाद जब मैं सांसद बनकर आया तो इसी कनाल गेस्ट हाउस में रुका | जब मैं रात को सो रहा था तो मुझे एकदम से पिछले 35 साल की कहानी याद आ गई | में उसी कमरे में सो रहा था जहां साहब सोया हुआ था और बाहर मेरा बाबू पसीना पसीना हुआ पंखे की रस्सी खींच रहा था | मैं एकदम उठा और दरवाजा खोल कर देखा कि कहीं मेरा बापू आज भी पंखे की रस्सी तो नहीं खींच रहा इसलिए साथियों मैं पूरे देश में घूम घूम कर अपने समाज को जागरूक किया
मैं अब काफी कमजोर हो गया हूं हमारे रहबर महात्मा ज्योतिबा फुले शाहू जी महाराज बाबा साहब अंबेडकर पेरियार नारायण गुरु इस संसार से चले गए मैं भी अब अधिक समय तक रह नहीं पाऊंगा परंतु मेरे मरने को दिल नहीं करता क्योंकि मैं अपने देश में बहुजन समाज का राज देखना चाहता हूं |आपने आगे कहा कि मुझे चिंता है कि मेरे मरने के बाद इस मूवमेंट को कौन संभालेगा मैंने ऐसे शख्स की बहुत तलाश की और मुझे मायावती इस बागडोर को संभालने लायक मिल गई मायावती मेरा सहारा बनी उसने यू.पी. को संभाल लिया है इसलिए मुझे कोई चिंता नहीं| आपने आगे कहा – “बूटा सिंह को मैंने कहा कि भाई तू दिल्ली में बैठा मलाई खाए जा रहा है आपको अपने समाज की चिंता है कुछ समाज की भी सोचो उसके भांजे ने जो 1995 में कांग्रेस में मंत्री बना था एक कानून पास कराया की सीरी का काम करने वालों को लेबर एक्ट के अधीन नहीं लाना चाहिए इन्हे 24 घंटे काम कराना चाहिए यह बूटा सिंह के भांजे लागू करवाया जबकि लेबर एक्ट के अनुसार एक मजदूर से 8 घंटे से अधिक काम नहीं लेना चाहिए इसलिए साथियों पंजाब में 500000 बंधुआ मजदूर है हम 23 जुलाई को बड़े पैमाने पर पार्लियामेंट का घेराव करेंगे और हमारे 18 मेंबर पार्लियामेंट के गेट पर सिरियों को आजाद कराने के लिए इश्तेहार बाटेंगे तथा अंदर पार्लियामेंट की कार्रवाई नहीं चलने देंगे | मेने उत्तर प्रदेश जिसे मनु महाराज का इलाका मन जाता है | जहां मनु पैदा हुआ और उसके चेले वहां भारी संख्या में है वहां हरिद्वार की सीट पर मायावती को चुनाव के लिए खड़ा किया तो उसे 1,36,000 वोट मिले जबकि कांग्रेस को 1,49,000 वोट मिले और बीजेपी विपक्षी पार्टियों का संयुक्त उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा सका इसी तरह पंजाब में गुरुओं ने जात पात के खिलाफ आवाज उठाई |परंतु यहां जिन गरीब सिखन को गुरु साहिब पातशाही देना यानी राजा बनना चाहते थे उनको बादल जैसे सरजामडरों, जमींदारों ने सिरी (बंधुआ मजदूरी की गुलामी) दे दी|लेकिन पंजाब बहुत छोटा सुबा है यहां काम इतना मुश्किल नहीं है जब हम उत्तर प्रदेश में जो कि पंजाब से कई गुना बड़ा सुबा है, बदलाव ला सकते हैं तो पंजाब में क्यों नहीं ला सकते मैं अपने साथ पिछड़े वर्ग के साथियों को बड़े पैमाने पर जोड़ना शुरु किया है पंजाब में लोहार, तरखान, नाई, धोबी, महरे, कुम्हार, सैनी, बाजीगर कुल मिलाकर 52% बनते हैं परंतु इन्हें राजभाग शासन तथा सिविल सर्विसेज प्रशासन में बहुत दूर रखा गया है और उन्हें हक अभी तक नहीं मिल पाया|
अनुसूचित जाति जनजाति को 22.5 प्रतिशत आरक्षण मिलने से आज उनके देश में 3000 आईएएस पीसीएस तथा लगभग 30 लाख अन्य अधिकारी कर्मचारी हैं परंतु पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी ना के बराबर है इसलिए मैं पंजाब में रविंद्र सिंह जोकी जाट बिरादरी से हैं को मुख्यमंत्री के पद के लिए चुना है मैंने रविंद्र सिंह से कहा कि मैं आपको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तो बैठा दूंगा परंतु 60 एमएलए की चाबी मेरी जेब में होगी मैंने उसे यह भी कहा कि कुर्सी पर बैठे आपको बहुजन के हित में काम करना होगा और सबसे पहले मंडल कमीशन की रिपोर्ट हूबहू लागू करनी होगी | आपने कहा कि यदि मैं आपको बाजू से पकड़कर कुर्सी पर बैठा सकता हूं तो कान पकड़कर कुर्सी से उतार भी सकता हूं| इसलिए रविंद्र सिंह को यह सभी शर्तें मंजूर है | मैं अपने पिछड़े वर्ग के साथियों को काफी कुछ बता चुका हूं मुझे लगता है अब यह बसपा के प्रचार में जुट जाएंगे | मेरी यहां इकट्ठे हुए कर्मचारी साथियों से अपील है कि वह मेरी बात समझ कर आज से ही प्रचार में जुट जाएं |
आगे बोलते हुए कहा कि प्रकाश सिंह बादल अपने गुरुओं की बताई हुई बात “मानस की जात सभे एकै पहचानबो” पंजाब में ही करता है बादल जब राजपुरा से आगे दिल्ली की तरफ जाता है तो अपने मसीहा पंडित जी अटल बिहारी वाजपेई के पास जाकर कहता है :मानस की जात छ: हजार पहचानबो” इसलिए बादल और उसके जागीरदार साथी सभी मनु महाराज का प्रचार कर रहे हैं वह इन गुरुओं की धरती से गुरुओं के बताए हुए उसूलों का सरेआम शोषण कर रहा है | इसलिए पंजाब में जहां 36% अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी है | यहां तो बहुजन बनने में देरी नहीं होनी चाहिए जब उत्तर प्रदेश में जो कि देश का सबसे बड़ा राज्य है जहां से 85 सांसद चुनकर लोकसभा में जाते हैं वाह बहुजन समाज बन सकता है जहां उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति की केवल 24% आबादी है तो पंजाब में बहुजन समाज क्यों नहीं बना सकता पंजाब में तो अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी 36% है
