डॉ. वामनराव गोडबोले की किताब से Buy Now

डॉ आंबेडकर- “भाइयों और बहनों ! हम दोनों ने आपके सामने अभी पूज्य भिक्खु चंद्रमणि द्वारा बौद्धधम्म का स्वीकार किया है ।भंते चंद्रमणि भारत के सबसे ज्यादा उम्र दराज भिक्खु है हमारा बौद्धधम्म अनुग्रह पाली भाषा में हुआ है। अब मेरे द्वारा जिन लोगों को दीक्षा लेनी है वे खड़े होकर, दोनों हाथ जोड़कर मैं जो प्रतिज्ञा करूंगा उनको ग्रहण कीजिए।”
ऐसे कहते ही सारा जन समुदाय खड़ा हुआ। स्टेज पर भी जो थे भी हाथ जोड़कर खड़े हो गए
बाबा साहब ने इस समय दीक्षार्थियों से 22 प्रतिज्ञाओं का उच्चारण करवाया। बाबा साहब एक-एक प्रतिज्ञा पढ़ते थे और दीक्षार्थी उसका अनुसरण करते थे। लाखों लोगों की ध्वनि की गूंज वातावरण में सुनाई दे रही थी
बाबा साहब ने प्रतीक प्रतिज्ञा बड़े अक्षरों में एक पृष्ठ पर एक के बाद एक ऐसे 22 पृष्ठों पर लिखी थी। यह पढ़ते समय बाबा साहब ने चश्मा नहीं पहना था यह विशेष बात थी।

- मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी भगवान नहीं मानूंगा और ना ही मैं उनकी कभी पूजा करूंगा |
- मैं राम और कृष्ण को भगवान नहीं मानूंगा और ना ही कभी उनकी पूजा करूंगा |
- मैं गौरी, गणपती इत्यादि हिंदू धर्म के किसी भी देवी देवता को नहीं मानूंगा और ना ही उसकी पूजा करूंगा |
- मैं इस बात पर कभी विश्वास नहीं करूंगा कि ईश्वर ने कभी अवतार लिया है |
- मैं इस बात को कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं, मैं ऐसे प्रचार को पागलपन का झूठा प्रचार समझता हूं |
- मै श्राद कभी नहीं करूंगा और ना ही कभी पिंडदान दूंगा |
- मैं बौद्ध धम्म के विरुद्ध कोई आचरण नहीं करूंगा |
- मैं कोई भी क्रिया-कर्म ब्राह्मणों के हाथ से नहीं कराऊंगा |
- मैं इस सिद्धांत को मानूंगा कि सभी मनुष्य एक समान है |
- मैं समानता की स्थापना के लिए प्रयत्न करूंगा |
- मैं भगवान बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग पर पूर्णरुप से पालन करूंगा |
- मैं भगवान बुद्ध द्वारा बताई गई दस पारमिताओं का पूर्ण रुप से पालन करूंगा |
- मैं प्राणीमात्र पर दया करूंगा और उनका पालन करूंगा |
- मैं कभी चोरी नहीं करूंगा |
- मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगा |
- मैं कभी व्यभिचार नहीं करूंगा |
- मैं कभी शराब नहीं पियूँगा |
- मैं अपने जीवन को बौद्ध धम्म के तीन तत्वों तथा अतार्थ ज्ञान,शील,और करुणा के अनुसार ढालने का प्रयत्न करूंगा |
- मैं मनुष्यमात्र के उत्कर्ष के लिए हानिकारक और मनुष्यमात्र को असमान और नीच मानने वाले अपने पुराने हिंदू धर्म का पूरी तरह त्याग करता हूं और बौद्ध धम्म को स्वीकार करता हूं |
- मैं पूर्णता विश्वास करता हूं कि बौद्ध धम्म ही सद्धर्म है |
- मैं यह मानता हूं कि मेरा दूसरा जन्म हो रहा है |
- मैं यह पवित्र प्रतिज्ञा करता हूं कि आज से मैं बौद्ध धम्म की शिक्षाओं के अनुसार आचरण करूंगा |
