सुन लो अब तुम जय भीम वालो
पाखण्ड वाद को दिमाग से निकालो
नहीं यहां कोई सुनने वाला
संविधान ही है तुम्हारा रखवाला
होता है जब जुल्म यहां तुम पर
आता पाखण्ड काम न क्षण भर
खुद को यह बात ढंग से समझा लो
आने वाली नस्लें (पीढ़ी) बचालो
अरे होता कभी जो अत्याचार है तुम पर
संविधान ही करता है रक्षा तुम पर
बाबा साहब के उपकार है हम सब पर
उनका थोड़ा कर्ज चुका दो
पाखण्डवाद को दिमाग से निकालो तुम हो चन्द्रगुप्त के वंशज
देखो अपने अन्दर झांको
अपनी ताकत को जानो
घनानन्द को तुम भी मारो
कलम चली है ‘सुन्दर’ की अब
इसको भी अब तुम ही सम्भालो
कहना है अब ये मेरा तुमसे
अपनी सन्तानों को तुम पढ़ा लो
‘पाखण्डवाद को दिमाग से निकालो
सुन लो अब ऐ जय भीम वालो …!!!
Sonu Nigam Sundar
सुन लो अब तुम जय भीम वालों…
बहुजन चिंतक एवं युवा कवि !
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